मिशन एजुकेशन के स्टेशनरी दान अभियान से जुड़े पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री; कॉपी, पेन और शैक्षणिक सामग्री देकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल
रायपुर, 09 अगस्त 2026। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में चलाए जा रहे मिशन एजुकेशन के स्टेशनरी दान अभियान में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता की। लखनपुर में आयोजित पहल के दौरान उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री का दान कर अभियान को अपना समर्थन दिया।
मिशन एजुकेशन के इस अभियान के माध्यम से ऐसे बच्चों तक पढ़ाई में उपयोग होने वाली जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है, जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। अभियान के तहत कॉपियां, पेन, पेंसिल, रबर, ज्योमेट्री बॉक्स सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
‘शिक्षा में सहयोग सिर्फ दान नहीं, भविष्य में निवेश’
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। किसी बच्चे की पढ़ाई में किया गया सहयोग केवल किसी वस्तु का दान नहीं, बल्कि उसके बेहतर भविष्य की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में योगदान देना चाहिए। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर किसी बच्चे के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
आर्थिक स्थिति नहीं बने सपनों की राह में बाधा
श्री अग्रवाल ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ पाते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी बच्चे को पढ़ाई के लिए जरूरी कॉपी, पेन या अन्य सामग्री उपलब्ध कराना भले ही छोटा प्रयास दिखाई दे, लेकिन उस बच्चे के लिए यह उसकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग हो सकता है।
समाज से आगे आने की अपील
मंत्री ने मिशन एजुकेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद बच्चों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने का यह अभियान समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने आम नागरिकों से भी ऐसे सामाजिक सरोकारों से जुड़ने और अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे को पढ़ने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का अधिकार है। किसी बच्चे की शिक्षा में दिया गया छोटा-सा योगदान उसके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।
